Month: March 2009
System
संयुक्त परिवार के किसी बुजुर्ग के बारे में परिवार के किसी कमाऊ सदस्य से पूछा जाए कि उन के बारे में आप का क्या कहना है। वह कहेगा,
Read More
Crime
शकील पूछते हैं____________ क्या एक मजिस्ट्रेट धारा 138 परक्राम्य विलेख अधिनियम (NI ACT) में कानूनी नोटिस चैक प्रदाता को पहुँचाए बिना अपराध का प्रसंज्ञान ले सकता है? जब
Read More
Crime
एक सप्ताह पहले जब हम मध्यान्ह की चाय पीकर पान खाने के लिए निकले तो साथी वकील साहब ने धारा 138 परक्राम्य विलेख अधिनियम के दो निर्णयों का
Read More
Crime
पिछली पोस्ट से आगे ….. मैं ने कल उल्लेख किया था कि, अभी हाल ही में कुछ न्यायालयों ने जिस तरह के निर्णय इन मामलों में देना आरंभ
Read More
Crime
1988 में जब परक्राम्य विलेख अधिनियम, 1881 में अध्याय 17 (धारा 138 से 147 तक) को जोड़ा गया था तब यह सोचा भी नहीं गया था कि यह
Read More
System
हमारी अदालतों की हालत का इसी बात से अनुमान लगाया जा सकता है कि दिल्ली हाईकोर्ट में वर्तमान में इतने मुकदमें लंबित हैं कि जितने जज इस समय
Read More
कानूनी उपाय
श्री गजानन्द अग्रवाल ने पूछा है ____________ मैं ने तीन वर्ष पूर्व जीवन बीमा निगम से एक बीमा पॉलिसी ली थी। लेकिन आज तक भी मुझे मूल पॉलिसी
Read More
कानूनी उपाय
श्री बी. एस. मिश्रा पूछते हैं ……. कार का पूरा बीमा कराने के बाद दुर्घटना पर बीमा कंपनी का कहना है कि उन के द्वारा प्लास्टिक के सामान
Read More
कानूनी उपाय
भुवनेश शर्मा ने तीसरा खंबा की पोस्ट व्यावसायिक उपयोग के लिए वस्तु खरीदने पर भी आप कब उपभोक्ता हैं? पर सवाल किया था कि- क्या स्वनियोजन के अंतर्गत
Read More
कानूनी उपाय
पिछले चार में से तीन आलेख उपभोक्ता मामलों से सम्बद्ध थे। इन पर आई टिप्पणियों पर जिज्ञासाएँ भी थीं। नरेश जी राठौर ने कहा कि मैं जिज्ञासाओं
Read More
Posts navigation