राजद्रोह के अपराध में चिकित्सक और मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ.बिनायक सेन को आजीवन कारावास की सजा सुना दी गई, देश भर में बड़े पैमाने पर इस निर्णय की आलोचना
दिसंबर 24, 2010 को रायपुर (छत्तीसगढ़) के द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी.पी. वर्मा ने अपने यहाँ लंबित सत्र प्रकरण क्रमांक 182/2007 छत्तीसगढ़ शासन बनाम पिजूष उर्फ बुबून गुहा,
हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 विवाह विच्छेद की व्यवस्था भी करता है। लेकिन इस में विवाह के पक्षकारों की सहमति से विवाह विच्छेद की व्यवस्था 1976 तक नहीं थी।