सोसायटी और ट्रेड यूनियनों में आरक्षण के लिए कोई स्थान नहीं
मैंने बी.एस.एन.एल.से जानकारी मांगी थी कि क्या अधिकृत कामगार या अधिकारी संघठण या यूनियन के पदाधिकारियों में अल्पसंख्यक, महिला तथा ओबीसी के लिए आरक्षण की सुविधा उपलब्ध है? मुझे जवाब ... Continue Reading
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पत्नी को मायके से लाने के लिए बंदीप्रत्यक्षीकण सही नहीं
उत्तर प्रदेश से पंकज ने पूछा है -
प्रेम विवाह करने के बाद यदि माता-पिता लड़की को उस के पति के पास न भेजें तो उस स्थिति में लड़का उच्च न्यायालय ... Continue Reading
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देश के सभी कानून अंग्रेजी, हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में इंटरनेट पर उपलब्ध क्यों नहीं?
Posted On 09 Sep 2010 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Constitution, Judicial Reform, System, न्यायिक सुधार, व्यवस्था, संविधान.
यदि कोई व्यक्ति सहज भाव से कोई ऐसा काम कर दे जो कि कानून की निगाह में जुर्म हो, और दुर्भाग्य से वह पकड़ा जाए। फिर उस के विरुद्ध आरोप ... Continue Reading
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क्या सर्वोच्च न्यायालय ने क्षेत्राधिकार के बाहर जा कर सरकार के काम में हस्तक्षेप किया है?
लाखों टन गेहूँ पर्याप्त और सुरक्षित भंडारण व्यवस्था के अभाव में बरसात का शिकार हो कर नष्ट हो गया और अब प्रदूषण और फैला रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस ... Continue Reading
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अब लगा कि उच्चतम न्यायालय सर्वोच्च है
कल लगा कि भारत का सर्वोच्च न्यायालय वास्तव में सर्वोच्च है। कानून के राज में कानून सब से बड़ा होना चाहिए। लेकिन जो कानून संसद और विधानसभाओं में रचे जाते ... Continue Reading
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लालच के शिकारों को बचाने के लिए कानून मे बदलाव निहायत जरूरी
अब जा कर यह स्थिति बनने लगी है कि निर्माण कंपनियाँ कानून के प्रति जो असावधानियाँ बरतती है उस के खिलाफ कार्यवाही होने लगी है। हालाँ कि इस स्थिति के ... Continue Reading
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समलैंगिक विवाह फिर कानून के गलियारे में
Posted On 19 Aug 2010 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Civil Law, Constitution, Judicial Reform, marriage, न्यायिक सुधार, विवाह, व्यवस्था.
कानून के गलियारे में समलैंगिक विवाह एक बार फिर से चर्चा का विषय बन रहे हैं। कैलिफोर्निया (अमरीका) की एक अदालत ने दो सप्ताह पूर्व इन विवाहों को अनुमति प्रदान ... Continue Reading
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थैंक्यू सुप्रीमकोर्ट – थैंक्यू पीयूसीएल, सरकार के पास जमा 604.28 में से 426.28 गेहूँ को रखने के लिए स्थान नहीं है
सामंती युग में राजा की उत्पत्ति हुई थी। तब शासन के सभी दायित्व और अधिकार राजा में निहित हुआ करते थे। जैसे जैसे राज्य विशाल और जटिल होते गए। शासन ... Continue Reading
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उपचारात्मक याचिका (Curative Petition) एक अंतिम न्यायिक उपाय : भारत में विधि का इतिहास-99
Posted On 22 Jun 2010 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Constitution, Legal Advice, System, विधिक इतिहास, व्यवस्था, संविधान.
इन दिनों यह बात चर्चा में है कि जब भोपाल त्रासदी के अभियुक्तों के विरुद्ध लगाए गए धारा 304 भाग दो दं.प्र.सं. के आरोपों को भारत का सर्वोच्च न्यायालय अपने ... Continue Reading
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संसद सर्वोच्च नहीं है?
औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 देश में उत्पन्न औद्योगिक विवादों का हल प्रस्तुत करता है। किसी भी कर्मकार की सेवाएँ समाप्त हो जाने पर उत्पन्न औद्योगिक विवाद इसी कानून के अंतर्गत ... Continue Reading
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