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तीसरा खंबा

तीसरा खंबा

विधि व न्याय को समर्पित प्रथम जालस्थल

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    • Title: फर्जी प्रथम सूचना रिपोर्ट को निरस्त कराने के लिए उच्च न्यायालय में धारा 482 दं.प्र.सं. के अंतर्गत आवेदन करें
      Date Scheduled: 2012-05-20 05:22:58
    • Title: किसी संपत्ति पर उसी का अधिकार है जिस के नाम वह पंजीकृत है
      Date Scheduled: 2012-05-20 05:12:12

शुल्क देने पर भी पत्रिका न भेजने पर उपभोक्ता अदालत में कार्यवाही करें और पुलिस में धारा 420 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कराएँ

शुल्क देने पर भी पत्रिका न भेजने पर उपभोक्ता अदालत में कार्यवाही करें और पुलिस में धारा 420 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कराएँ
Posted On 05 May 2011 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Indian Penal Code, Legal Advice, उपभोक्ता, कानूनी सलाह.
 प्रिया शर्मा ने पूछा है-मैं इस समय बहुत ही बड़ी समस्या से गुजर रही हूँ। मैं ने पिछले साल दिसम्बर में एक मैगजीन के लिए फॉर्म भर कर भेजा था। ... Continue Reading
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अखबारों द्वारा अश्लील और धोखे वाले विज्ञापन प्रकाशित करना अपराध है

अखबारों द्वारा अश्लील और धोखे वाले विज्ञापन प्रकाशित करना अपराध है
Posted On 15 Feb 2011 By दिनेशराय द्विवेदी. Under अपराध.
 अरुण कुमार झा ने पूछा है - 1. आए दिनों कई प्रकार के विज्ञापन दैनिक अखबारों में छपते हैं जैसे सेक्स शक्ति बढ़ाने का नुस्खा, इन विज्ञापनों में बहुत ही ... Continue Reading
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एक अभियुक्त की जमानत देने पर आप के क्या दायित्व होंगे?

एक अभियुक्त की जमानत देने पर आप के क्या दायित्व होंगे?
Posted On 24 Dec 2010 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Legal Advice, कानूनी सलाह.
 श्री नरेश सिह राठौड़  तीसरा खंबा के स्थाई पाठक हैं। पिछली पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हों ने पूछा है- जब हम किसी व्यक्ति के न्यायिक हिरासत में होने ... Continue Reading
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जनता की किस को पड़ी है?

जनता की किस को पड़ी है?
Posted On 04 Dec 2010 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Judicial Reform, System, न्यायिक सुधार, व्यवस्था.
पिछले तीन दिन से कोटा में रहने के बावजूद व्यस्तता रही और 'तीसरा खंबा' पर कोई पोस्ट नहीं जा सकी। इस बीच कानूनी सलाह चाहने वालों के अनेक मेल मिले ... Continue Reading
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विधि मंत्री सपने दिखाने का थिएटर चला रहे हैं?

विधि मंत्री सपने दिखाने का थिएटर चला रहे हैं?
Posted On 18 Nov 2010 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Judicial Reform, System, न्यायिक सुधार, व्यवस्था.
अब केन्द्रीय विधि मंत्री कह रहे हैं कि केन्द्र सरकार एक ऐसे कानून को बनाने पर विचार कर रही है जिस से न्याय प्राप्त करना नागरिकों का मौलिक अधिकार हो ... Continue Reading
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प्रतिवादी या अभियुक्त के पते की जानकारी के बिना उस के विरुद्ध मुकदमा चलाया जाना संभव नहीं है

प्रतिवादी या अभियुक्त के पते की जानकारी के बिना उस के विरुद्ध मुकदमा चलाया जाना संभव नहीं है
Posted On 08 Oct 2010 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Legal Advice, कानूनी सलाह.
 मैजिक विंग्स ने पूछा है - - - मैं भीलवाड़ा का रहने वाला हूं। मैं जयपुर के एक आदमी से 11 हजार रुपए मांगता था, उसने मुझे आईसीआईसीआई ... Continue Reading
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अदालतों की भाषा वही होनी चाहिए जो उस के अधिकांश न्यायार्थियों की भाषा है

अदालतों की भाषा वही होनी चाहिए जो उस के अधिकांश न्यायार्थियों की भाषा है
Posted On 14 Sep 2010 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Judicial Reform, System, न्यायिक सुधार, व्यवस्था.
आज भी यह एक प्रश्न हमारे माथे पर चिपका हुआ है कि अदालतों का काम किस भाषा में होना चाहिए? सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों का काम अंग्रेजी में हो ... Continue Reading
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पर्याप्त संख्या में अदालतें स्थापित करने को धन की आवश्यकता है, इस बात को सरकार औऱ संसद के सामने रखने से कानून मंत्रालय को कौन रोक रहा है।

पर्याप्त संख्या में अदालतें स्थापित करने को धन की आवश्यकता है, इस बात को सरकार औऱ संसद के सामने रखने से कानून मंत्रालय को कौन रोक रहा है।
Posted On 12 Sep 2010 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Judicial Reform, System, न्यायिक सुधार, व्यवस्था.
अदालतों की कमी अब सर चढ़ कर बोलने लगी है और कानून मंत्रालय सीधे-सीधे नहीं तो गर्दन के पीछे से हाथ निकाल कर कान पकड़ने की कोशिश कर रहा है। ... Continue Reading
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संशोधित अंक-सूची के लिए उपभोक्ता अदालत में आवेदन किया जा सकता है

संशोधित अंक-सूची के लिए उपभोक्ता अदालत में आवेदन किया जा सकता है
Posted On 20 Jul 2010 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Consumer, उपभोक्ता.
राज ने पूछा है --- सर जी,मैने देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में अपनी बी.ए. की अंक-सूची की मूल प्रति पिताजी का नाम सुधार करने हेतु दी थी।  लेकिन 3 माह बाद ... Continue Reading
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वकील के मुंशी से सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तक

वकील के मुंशी से सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तक
Posted On 13 May 2010 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Constitution, संविधान.
सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश सरोश होमी कपाड़िया 12 मई को देश के 38वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ ले चुके हैं।  वे 28.09.2012 तक इस पद पर ... Continue Reading
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