क्या मुझे मृतक आश्रित के रूप में नौकरी मिल सकती है?
गाजीपुर (उ.प्र.) से प्रशान्त वर्मा पूछते हैं -मेरी माँ सरकारी जूनियर हाईस्कूल में प्रिन्सिपल के पद पर कार्यरत थी और वो 30.06.2012 को अवकाश प्राप्त होने वाली थी। मेरी माँ ... Continue Reading
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सब को दिखाई देता है, सिर्फ सरकार अन्धी है
Posted On 29 Mar 2011 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Industrial Dispute Act.
उच्चतम न्यायालय का कहना है कि यदि कोई अधिकार औद्योगिक विवाद अधिनियम तथा आनुषंगिक विधि से उत्पन्न हुआ है तो उस से संबंधित विवादों के हल के लिए औद्योगिक विवाद ... Continue Reading
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नियमितिकरण के लिए आप को उच्च न्यायालय में याचिका करनी चाहिए
प्रकाश महाले पूछते हैं - मैं एक दैनिक वेतन भोगी/मस्टररोल कर्मचारी हूँ, मेरी प्रथम नियुक्ति दिनांक वर्ष 1997 की है, मप्र शासन ने वर्ष 2000 में समस्त दैनिक वेतन भोगी ... Continue Reading
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प्रणव दा! सिंह साहब! और सोनिया जी! न्याय के लिए कुछ नहीं, मतलब अन्याय जारी रहेंगे ?
तीसरा खंबा में 26 जनवरी, 2009 की पोस्ट थी, न्याय रोटी से पहले की जरूरत है, ....जीवन के लिए जितना हवा और पानी आवश्यक है उतना ही न्यायपूर्ण जीवन और ... Continue Reading
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क्या मुझे मेरे पिता जी के सेवा में रहते हुए दिवंगत होने के कारण अनुकंपा नियुक्ति मिल सकती है?
कमलेश सोनी ने पूछा है-मेरे पापा कलेक्टर कार्यालय में 1980 से नियमित कर्मचारी थे। सेवा में रहते हुए उन का दिनांक 11.02.2005 में देहान्त हो गया। लेकिन मेरी मम्मी 1999 ... Continue Reading
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कानून की नजरों में सब समान क्यों नहीं हैं?
अश्विनी कुमार ने पूछा है - - -कहा जाता है कि कानून की नजर में हम सब समान हैं, लेकिन ऐसा नहीं होता। एक बार हम बाइक से जा रहे ... Continue Reading
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क्या मुझे संतान के लिए दूसरा विवाह करना चाहिए ?
ज़िनी पूछते हैं ----नमस्कार, मैं एक मुस्लिम हूँ ऒर केन्द्रीय सरकार का कर्मचारी हूँ। मैं ने मेरी बीबी का हर सम्भव ईलाज कराया पर हमारे कोई औलाद नही हुई। ... Continue Reading
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पर्याप्त संख्या में अदालतें स्थापित करने को धन की आवश्यकता है, इस बात को सरकार औऱ संसद के सामने रखने से कानून मंत्रालय को कौन रोक रहा है।
अदालतों की कमी अब सर चढ़ कर बोलने लगी है और कानून मंत्रालय सीधे-सीधे नहीं तो गर्दन के पीछे से हाथ निकाल कर कान पकड़ने की कोशिश कर रहा है। ... Continue Reading
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जब जनता प्रश्न पूछने लगेगी तब सरकारें क्या करेंगी?
अभी सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनाज को सड़ने के लिए छोड़ देने के स्थान पर उसे गरीबों को मुफ्त वितरित कर देने के आदेश से उत्पन्न विवाद की गूंज समाप्त नहीं ... Continue Reading
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देश के सभी कानून अंग्रेजी, हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में इंटरनेट पर उपलब्ध क्यों नहीं?
Posted On 09 Sep 2010 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Constitution, Judicial Reform, System, न्यायिक सुधार, व्यवस्था, संविधान.
यदि कोई व्यक्ति सहज भाव से कोई ऐसा काम कर दे जो कि कानून की निगाह में जुर्म हो, और दुर्भाग्य से वह पकड़ा जाए। फिर उस के विरुद्ध आरोप ... Continue Reading
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