क्यों नहीं मिलते न्यायाधीश पदों के लिए योग्य व्यक्ति ?
'भारतीय न्यायिक दृष्टिकोण-2022' विषय पर अखिल भारतीय न्यायाधीश एसोसिएशन के दो दिवसीय अखिल भारतीय न्यायाधीश सम्मेलन के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश अल्तमश कबीर ने ... Continue Reading
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कम न्यायालयों के कारण निर्णयों की गति और गुणवत्ता पर बुरे प्रभाव
आप ने विगत आलेख न्याय प्राप्ति एक दुःस्वप्न … में पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्री वी.एन. खरे की कलम से जाना था कि भारत में न्याय प्राप्ति की स्थिति क्या है। ... Continue Reading
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जनसंख्या-न्यायाधीश अनुपात
कानून और न्याय मंत्री जनाब सलमान खुर्शीद साहब ने राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में फरमाया है कि विधि आयोग ने 31 जुलाई 1987 को दी गई ... Continue Reading
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क्या वकीलों की पोशाकें न्याय प्रणाली और समाज के बीच अवरोध हैं?
न्यायाधीशों और वकीलों ने काले कोट वाली पोशाक इंग्लेंड में पहली बार 1685 ईस्वी में किंग जॉर्ज द्वितीय की मृत्यु पर शोक संकेत के लिए अपनाई थी। तब यह विश्वास ... Continue Reading
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न्यायाधीश और वकील काला कोट क्यों पहनते हैं?
भारत में कहीं भी आप किसी अदालत में जाएंगे। आप को काले कोटों की बहुतायत दिखाई देगी। चाहे भीषण गर्मी क्यों न पड़ रही हो। चेहरे से पसीने की बूंदें ... Continue Reading
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लाभकारी शत्रुतापूर्ण व्यवहार
"एक कुशल न्यायिक व्यवस्था के लिए यह जरूरी है कि बार (वकीलों की जमात) भी मजबूत और कुशल हो। एक ऐसी बार जो कि दिखने में न केवल स्वावलंबी और ... Continue Reading
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गलत कार्य करने पर न्यायाधीशों को हटाया जा सकता है
पिछले आलेख न्यायालयों की श्रेणियाँ और उन में न्यायाधीशों की नियुक्तियाँ पर राजीव के प्रश्न के पूर्वार्ध का उत्तर दे दिया गया था, उन के प्रश्न का उत्तरार्ध था कि ... Continue Reading
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न्यायालयों की श्रेणियाँ और उन में न्यायाधीशों की नियुक्तियाँ
राजीव तीसरा खंबा के नियमित पाठकों में से एक हैं। अक्सर मुझ से प्रश्न पूछते रहते हैं। उन के ये प्रश्न किसी कानूनी समस्या से संबंधित न हो ... Continue Reading
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अगले दस वर्षों में एक लाख जज नियुक्त करने होंगे
सरकारी आँकड़ों के अनुसार भारत में 4,30,000 लोग जेलों में बंद हैं, जिन में से तीन लाख बंदी केवल इसलिए बंद हैं कि उन के मुकदमे का निर्णय होना है। ... Continue Reading
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विधि मंत्री सपने दिखाने का थिएटर चला रहे हैं?
अब केन्द्रीय विधि मंत्री कह रहे हैं कि केन्द्र सरकार एक ऐसे कानून को बनाने पर विचार कर रही है जिस से न्याय प्राप्त करना नागरिकों का मौलिक अधिकार हो ... Continue Reading
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