पुरुषों के प्रति महिलाओं की हिंसा के लिए कानून
Posted On 10 May 2012 By दिनेशराय द्विवेदी. Under Crime, Criminal Procedure Code, अपराध, दंड प्रक्रिया संहिता.
समस्या-
जब घर में पत्नी या बेटी या किसी अन्य महिला के साथ हिंसा का व्यवहार होता है तो वह पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवा सकती है। लेकिन यदि कोई महिला ... Continue Reading
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कानूनों के संबंध में भ्रम फैलाते टी.वी. धारावाहिक
पूरे देश में ऐसा कौन सा थाना है जो केवल टेलीफोन पर मिली बेनामी सूचना पर एफआईआर दर्ज कर लेता है और बिना कोई अन्वेषण किए बेनामी सूचना में बताए ... Continue Reading
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जनता का गुस्सा सब से भयंकर होता है
कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री ने न्यायपालिका को नसीहत दी थी कि न्यायाधीशों को सरकार पर अनावश्यक टिप्पणियाँ नहीं करनी चाहिए। यह अवसर राष्ट्रमंडल विधि सम्मेलन का था, और ऐसे ... Continue Reading
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तब विदेशों में भी शरण आसानी से नहीं मिलती
मेरे पडौ़स में एक अनधिकृत मैरिज गार्डन बना है। जब भी वहाँ कोई कार्यक्रम होता है तो सारी गंदगी पिछले दरवाजे से निकाली जाती है। यदि आयोजकों से आते ही ... Continue Reading
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सरकारों के माई-बाप
आज फिर खबर है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी ने कहा है कि न्यायपालिका को अतिसक्रियता दिखाते हुए ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिस से शासनप्रणाली के अन्य घटक प्रभावित ... Continue Reading
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मेगा लोक अदालतों का सच
बेटी को कल सुबह की ट्रेन से निकलना था। देर रात तक वह अपना सामान दो बैगों में किसी तरह ठूँसने में लगी रही। मैं भी देर तक न सो ... Continue Reading
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विधि शिक्षा के नियंत्रण को ले कर बार कौंसिल और केन्द्र सरकार के बीच टकराव संभव
देशी विदेशी पूंजीपतियों को देश की जनतांत्रिक संस्थाओं की गतिविधियाँ अब रास नहीं आ रही है, जिस के कारण उन के हितों के लिए काम करने वाली केंद्र और राज्य ... Continue Reading
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क्यों उठते हैं न्यायिक व्यवस्था पर प्रश्न, बार-बार
पिछले दिनों मेरे ही एक संबंधी के पुत्र को 498-ए में गिरफ्तार किया गया। हम करीब साल भर पहले से यह जानते थे कि ऐसी स्थिति आ सकती है। लेकिन ... Continue Reading
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अगले दस वर्षों में एक लाख जज नियुक्त करने होंगे
सरकारी आँकड़ों के अनुसार भारत में 4,30,000 लोग जेलों में बंद हैं, जिन में से तीन लाख बंदी केवल इसलिए बंद हैं कि उन के मुकदमे का निर्णय होना है। ... Continue Reading
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मैं वह फैसला पढ़ लेता तब भी मेरा फैसला वही होता ……
साल का आखिरी दिन है, और अपने पाठकों और मित्रों से कानून की बात नहीं, व्यवहार की बात करना चाहता हूँ। यह ब्लाग विधि और न्याय प्रणाली से संबद्ध है ... Continue Reading
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